* न्यूक्लिक अम्लों खासकर DNA को छोड़कर और किसी भी ज्ञात जैव अणुओं में स्व-द्विगुणन की क्षमता नहीं पायी जाती। ★ DNA को “आनुवंशिक सूचनाओं का बैंक" (Bank of genetic informations) के रूप में जाना जाता है।


* समस्त जीवों का शरीर तत्वों का बना होता है। ये तत्व स्वतंत्र रूप में अथवा यौगिक के रूप में जीवों के शरीर में पाये जाते हैं। * अपेक्षाकृत छोटे आकार एवं कम अणुभार वाले यौगिकों को सूक्ष्म अणु एवं बड़े आकार वाले अणुओं को बृहत् अणु कहते हैं।


★ जल, खनिज लवण, अमीनो अम्ल, शर्कराएँ एवं न्यूक्लियोटाइड्स सूक्ष्म अणु की श्रेणी में आते हैं। ★ प्रोटीन, पॉलीसेकेराइड्स, लिपिड्स एवं न्यूक्लिक अम्ल कोशिकाओं में पाये जाने वाले बृहत् अणुओं की श्रेणी में आते हैं। श्वसन क्रिया में उपयोग होने वाला प्रमुखतम सब्स्ट्रेट कार्बोहाइड्रेट है।


★ ★ मोनोसेकेराइड्स में कार्बन, हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन का अनुपात हमेशा 1 2 1 होता है।


* कार्बोहाइड्रेट का सामान्य सूत्र C (H2O), होता है। ★ प्रोटीन अमीनो अम्लों की श्रृंखला होते हैं।


★ प्रोटीन अणुओं में 20 प्रकार के अमीनो अम्ल पाये जाते हैं।


★ अनेक खनिज लवण, जैसे- Fe, Cu, Mn, Co, Mg, Ca आदि हमारे शरीर में उपापचयी क्रियाओं के लिए आवश्यक होते हैं। अनेक प्रोटीन कोशिकाओं में एन्ज़ाइम की तरह कार्य करते हैं। ये विभिन्न जैव-रासायनिक क्रियाओं में उत्प्रेरक की तरह कार्य करते हैं। एन्जाइम के बिना जीवित कोशिकाओं की कल्पना नहीं की जा सकती।


* लिपिड्स के प्रत्येक अणु में एक अणु ग्लिसरॉल अथवा लम्बी श्रृंखला के ऐल्कोहॉल (Long chain alcohol) एवं एक अणु वसीय अम्


पाये जाते हैं।


★ संतृप्त वसीय अम्लयुक्त वसा हमारे शरीर के लिए अधिक हानिकारक होते हैं।


★ प्राकृतिक रूप से पायी जाने वाली शर्कराओं में फ्रक्टोज सबसे मीठी शर्करा है। * दूध में लैक्टोज नामक डाइसैकेराइड प्रकार का शर्करा पाया जाता है। दूध से दही बनने के क्रम में यही लैक्टोज जीवाणुओं द्व लैक्टिक अम्ल में बदल जाता है।


शरीर में आयोडीन को कभी होने से पेंघा (Goitre) नामक रोग हो सकता है।


आयरन अथवा लौह तत्व की कमी होने पर एनीमिया (Anaemia) नामक रोग होता है। DNA में डी-ऑक्सीराइबोज प्रकार का शर्करा पाया जाता है, जबकि RNA में राइबोज प्रकार


★ नाखून, बाल, सींग आदि में किरैटिन नामक प्रोटीन पाया जाता है। इसे स्क्लेरोप्रोटीन भी कहते हैं।


का शर्करा पाया जाता है।


* एक ग्राम ग्लूकोज के दहन से 42 किलो कैलोरी, वसा से 93 किलो कैलोरी एवं प्रोटीन से 5-6 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है।


★ प्रतिदिन हमारे शरीर को शरीर के कुल भार 2% जल चाहिए। ★ न्यूक्लिक अम्लों में चार प्रकार के न्यूक्लियोटाइड्स पाये जाते हैं।


* प्यूरीन (एडीनोन, स्वानीन) प्रकार के नाइट्रोजीनस क्षार में दो रिंग ( Ring) पाये जाते हैं जबकि पिरिमिडीन (सायटोसीन एवं थाइमीन) क्षारक में एक ही रिंग पाये जाते हैं। ★ जन्तुओं के शरीर में एण्टीबॉडी (Antibody) अथवा इम्यूनोग्लोब्यूलिन्स (Immunoglobulins) नामक विशेष प्रकार के प्रोटीन अणु


पाये जाते हैं जो शरीर में प्रवेश करने वाले एण्टीजन (Antigen) को निष्प्रभावी करते हैं।


★ पहले ऐसा माना जाता था कि प्रोटीन अणुओं में 20 प्रकार के अमीनो अम्ल पाये जाते हैं परन्तु आधुनिक शोध निष्कर्षो ने साबित किया। है कि प्रोटीन्स में 28 प्रकार के अमीनो अम्ल होते हैं। बृहद् कोशिकीय अणु कोशिका झिल्ली से आर-पार नहीं जा सकते। इनके जल अपघटन से प्राप्त सूक्ष्म अणु जैसे - मोनोसेकेराइड्स,


अमीनो अम्ल, वसीय अम्ल, न्यूक्लियोटाइड्स आदि कोशिका झिल्ली को पार कर जाते हैं। ★ पादप कोशिकाओं में पायी जाने वाली कोशिका भित्ति मुख्य रूप से सेल्युलोज की बनी होती है।

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