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अक्टूबर, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
 * न्यूक्लिक अम्लों खासकर DNA को छोड़कर और किसी भी ज्ञात जैव अणुओं में स्व-द्विगुणन की क्षमता नहीं पायी जाती। ★ DNA को “आनुवंशिक सूचनाओं का बैंक" (Bank of genetic informations) के रूप में जाना जाता है। * समस्त जीवों का शरीर तत्वों का बना होता है। ये तत्व स्वतंत्र रूप में अथवा यौगिक के रूप में जीवों के शरीर में पाये जाते हैं। * अपेक्षाकृत छोटे आकार एवं कम अणुभार वाले यौगिकों को सूक्ष्म अणु एवं बड़े आकार वाले अणुओं को बृहत् अणु कहते हैं। ★ जल, खनिज लवण, अमीनो अम्ल, शर्कराएँ एवं न्यूक्लियोटाइड्स सूक्ष्म अणु की श्रेणी में आते हैं। ★ प्रोटीन, पॉलीसेकेराइड्स, लिपिड्स एवं न्यूक्लिक अम्ल कोशिकाओं में पाये जाने वाले बृहत् अणुओं की श्रेणी में आते हैं। श्वसन क्रिया में उपयोग होने वाला प्रमुखतम सब्स्ट्रेट कार्बोहाइड्रेट है। ★ ★ मोनोसेकेराइड्स में कार्बन, हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन का अनुपात हमेशा 1 2 1 होता है। * कार्बोहाइड्रेट का सामान्य सूत्र C (H2O), होता है। ★ प्रोटीन अमीनो अम्लों की श्रृंखला होते हैं। ★ प्रोटीन अणुओं में 20 प्रकार के अमीनो अम्ल पाये जाते हैं। ★ अनेक खनिज लवण, जैसे- Fe, Cu, Mn...
★ माइटोकॉन्ड्रिया एवं लवक (क्लोरोप्लास्ट, क्रोमोप्लास्ट, ल्यूकोप्लास्ट) दोहरी झिल्ली से घिरे कोशिकांग हैं। ★ केन्द्रक, कोशिका में पाया जाने वाला सबसे बड़ा कोशिकांग है। ★ राइबोसोम एवं सूक्ष्म तन्तु कोशिका में पाये जाने वाले सबसे छोटे कोशिकांग हैं। ★ एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम को इरगेस्टोप्लाज्म भी कहा जाता है। ★ सर्वप्रथम ल्यूवेनहॉक ने केन्द्रक एवं क्लोरोप्लास्ट को कोशिकाओं के अन्दर देखा, परन्तु इनके खोज का श्रेय उन्हें नहीं दिया जाता। * कोशिका के अंदर जीवित वस्तुओं को कोशिकांग एवं मृत वस्तुओं को कोशिका अंतस्थ कहते हैं। ★ कोशिका झिल्ली के बाहर पाया जाने वाला आवरण ग्लाइकोकैलिक्स कहलाता है। यह कोशिका को इम्यूनो आइडेंटिटी प्रदान करता है। ★ कोशिका के अंदर जीवद्रव्य हमेशा गतिशील होता है। इसे जीवद्रव्य भ्रमण (Cyclosis) कहते हैं। * लकड़ी (Wood) वानस्पतिक रूप से द्वितीयक जाइलम होती है। इनकी कोशिका भित्ति पर लिग्निन का अत्यधिक जमाव हो जाता है। यहाँ तक कि पूर्ण परिपक्व लकड़ी कोशिकाओं के जीवद्रव्य पूर्ण रूपेण नष्ट हो जाते हैं। ★ एक माइटोकॉण्ड्रिया का जीवन काल 5-10 दिन का होता है। ★ क्लोरोप्लास्ट एवं ...
 रॉबर्ट हुक ने सर्वप्रथम कोशिका शब्द का प्रयोग किया।  रॉबर्ट ब्राउन ने केन्द्रक की खोज ऑर्किड मूल की कोशिकाओं में की। कोशिका सिद्धान्त का प्रतिपादन श्लीडेन एवं श्वान नामक वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तुत किया गया। "कोशिका का निर्माण पूर्व निर्मित कोशिकाओं से होता है।" अवधारणा रॉबर्ट विकों द्वारा प्रस्तुत की गयी। कोशिका के अंदर पाये जाने वाले प्लाज्मा झिल्ली से घिरे अनेक प्रकोष्ठ कोशिकांग कहलाते हैं। प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में कोई भी कोशिकांग नहीं पाये जाते।  कौशिका भित्ति मुख्य रूप से सेल्युलोज एवं कोशिका झिल्ली लाइपोप्रोटीन की बनी होती है।  बहुकोशिकीय जीव अधिक समय तक अस्तित्व में रहने की क्षमता रखते हैं।  PPIO (Pleuro Pneumonia Like Organism) सबसे छोटे कोशिकीय जीव हैं।  राइबोसोम, सेन्ट्रोसोम, सेन्ट्रीओल, न्यूक्लिओलस झिल्ली रहित कोशिकांग है। एण्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम, गॉल्गीकाय, रिक्तिका, लाइसोसोम, स्फेरोसोम, पर ऑक्सीसोम, ग्लाइऑक्सीसोम चावलेकॉइड अथवा लैमिली आदि एकल झिल्ली से घिरे कोशिकांग हैं।
★ ग्लूकोज रक्त में पाया जाने वाला प्रमुखतम पोषक पदार्थ है। मानव शरीर में बाह्यकोशिकीय द्रव (Extracellular fluid) को मात्रा लगभग 15 लीटर होती है। यह शरीर में पाये जाने वाले कुल जल की मात्रा का 45% होता है। ★ खेल की त्वचा के नीचे पाये जाने वाले एडिपो उठक का स्तर अत्यन्त मोटा होता है। यह ब्लबर (Blubber) कहलाता है। ★ स्पॉन्टी मोन शरीर के मध्य भाग में अथवा गहराई में पाये जाते हैं। इसमें हैबर्सियन तंत्र के समान कन्सेंट्रिक रचनाएँ नहीं पायी जाती। ★ लिगामेन्ट, इलास्टीन प्रोटीन का बना अत्यन्त मजबूत संयोजी ऊतक है जो दो अस्थियों को जोड़ने का कार्य करता है। ★ टेन्डन, कोलेजन का बना संयोजी ऊतक है जो पेशियों को अस्थि से जोड़ने का कार्य करता है। ★ पेशी तन्तुओं के चारों ओर पायी जाने वाली झिल्ली को सार्कोलेमा कहते हैं। ★ हमारे शरीर में पायी जाने वाली घटॉक पेशी (Buttock muscle) अथवा ग्लूटियस मैक्सिमस (Gluteus manxims) सबसे बड़ी होती है। ★ स्टेपेडियम (Stapodius) पेशी सबसे छोटी पेशी होती है। ★ मृत्यु के तत्काल बाद पेशियों में कठोरता एवं अलचीलापन जा जाता है। इस घटना को राइगर मोर्टिस (Riger marus) कहते हैं। ...
 5. स्टेफाइलोकोक्कस 6. सारसिना 4. पैलिसेड बेसिलस कोक्कस या गोलाकार जीवाणु (Coccus)) ये गोलाकार जीवाणु होते हैं जिनका व्यास 0-5 से 125 तक होता है। एक अकेले जीवाणु को कोक्कस (Coccus) कहते हैं। इनमें कशाभिका का अभाव होता है। ये निम्न प्रकार के होते हैं 1. माइक्रोकोक्कस (Micrococcus) - एक अकेले गोलाकार जीवाणु को माइक्रोकोक्कस कहते हैं। उदाहरण- माइक्रोकोक्कस (Micrococcus) । 2. डिप्लोकोक्कस (Diplococcus) जब दो कोक्कस एक साथ पाये जाते हैं तो इन्हें डिप्लोकोक्कस कहते हैं। उदाहरण- डिप्लोकोक्कस न्यूमोनी (Diplococcus pneumonae) I 3. टेट्राकोक्कस (Tetracoccus) - जब चार कोक्कस एक समूह में होते हैं तो इन्हें टेट्राकोक्कस कहते हैं। उदाहरण- टेट्राकोक्कस (Tetracoccus) | 4. स्ट्रेप्टोकोक्कस (Stureptococcus) ऐसे जीवाणुओं में बहुत से कोक्कस एक श्रृंखला में जुड़े होते हैं। उदाहरण- स्ट्रेप्टोकोक्कस लैक्टिस (Streptococcus lactis)। 5. स्टेफाइलोकोक्कम (Staphylococcus) जब बहुत-से कोक्कस अंगूर के गुच्छे की भाँति व्यवस्थित होते हैं तो इन्हें स्टेफाइलोकोक्कस (Staphylococcus) कहते हैं। उदाहरण- स्टेफाइलोकोक्कस ए...
शैवाल असंवहनी पादप है जो कि प्रायः जल में पाये जाते हैं। ब्रायोफाइट्स को "पादप जगत का उभयचर" कहा जाता है क्योंकि ये नम भूमि पर पाये जाते हैं तथा इनकी वृद्धि एवं विकास तथा निषेचन हेतु जल अति आवश्यक होता है। टेरिडोफाइट्स संवहनी क्रिप्टोगेम्स होते हैं। टेरिडोफाइट्स एवं जिम्नोस्पम्स के जाइलम में वाहिकाओं (Vessels) तथा फ्लोएम में सखि कोशिकाओं (Companian cells) का अभाव होता है। ये दोनों संरचनायें आवृत्तबीजी पौधों के जाइलम में पाई जाती हैं। बेंथम एवं हूकर का वर्गीकरण एक प्राकृतिक वर्गीकरण है। हरे पौधे अकार्बनिक पदार्थों जैसे- CO, H, O, खनिज तत्व आदि की सहायता से अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं, अतः उन्हें उत्पादक कहा जाता है। उत्पादकों द्वारा निर्मित भोजन पर समस्त जीवमण्डल निर्भर है। पौधे भोजन निर्माण हेतु आवश्यक ऊर्जा सूर्य को प्रकाश से ग्रहण करते हैं। सभी शैवाल थैलोफाइटा प्रभाग के अन्तर्गत आते हैं। इनका शरीर जड़, तना तथा पत्ती में विभक्त नहीं होता है। ब्रायोफाइटा को पादप जगत का जलस्थली (Amphibians) कहा जाता है क्योंकि इस प्रभाग के पौधे जल तथा स्थल दोनों में रह सकते हैं। टेरिडोफाइट्...
 पुष्पीय पादपों की आकारिकी (291 ★ पुष्पक्रम चार प्रकार का होता है-सरल पुष्पक्रम, संयुक्त पुष्पक्रम, विशिष्ट पुष्पक्रम तथा मिश्रित पुष्पक्रम। ★ सरल पुष्पक्रम वह पुष्पक्रम है, जिसमें पुष्पावली वृन्त शाखित नहीं होता। यह दो प्रकार का हो सकता है-असीमाक्ष तथा ससीमा ★ असीमाक्ष वह पुष्पक्रम है, जिसमें पुष्पावली वृत्त को शीर्षस्थ कलिका पुष्प नहीं बनाती तथा जिसके पुष्पवृन्त की लम्बाई हमेशा बढ़ती रहती है। ★ ससीमाक्ष वह पुष्पक्रम है, जिसमें पुष्पावली वृत्त को शीर्षस्थ कलिका पुष्प में रूपान्तरित होकर इसको वृद्धि को अवरुद्ध कर देती है। ★ संयुक्त पुष्पक्रम में पुष्पावली वृन्त शाखित होता है और इसको प्रत्येक शाखा पर एक स्वतन्त्र पुष्पक्रम माया जाता है। ★ विशिष्ट पुष्पक्रम में पुष्पावली वृन्त विशिष्ट रूप में परिवर्तित हो जाता है, जिस पर पुष्प विशिष्ट क्रम में लगे होते हैं। ★ मिश्रित पुष्पक्रम वह पुष्पक्रम है, जिसमें एक ही पुष्पावती वृन्त पर दो प्रकार के पुष्पक्रम लगे होते हैं। ★ अंजीर, गूलर, बरगद का फल जैसा दिखने वाला गोलाकार भाग एक पुष्प या फल न होकर पूरा पुष्पक्रम है, जिसके अन्दर विशिष्ट क्रम में ...
 यह भाग सामान्यतः भूमि के अन्दर विकसित और मूला * द्विबीजपत्री पादपों में मूसला तथा एकबीजपत्री पादपों में अपस्थानिक जहुँ पायी जाती है। ★ प्ररोह तन्त्र का मुख्य अक्ष बना कहलाता है, यह भ्रूण के प्रांकुर से विकसित होता है। *तना प्रकाश की ओर तथा बड़ भूमि व गुरुत्वाकर्षण के विपरीत वृद्धि करता है। ★ तने के संघनित रूप को कलिका कहते हैं। ★ पौधे के प्ररोह का पर्वसन्धियों से निकलने वाले असमान उपगों को पत्ती कहते हैं। * द्विबीजपत्री पादपों की पत्तियों में जालिकावत् तथा एकबीजपत्री पादपों की पत्तियों में समानान्तर शिराबियात पाया। ★ पुष्प एक रूपान्तरित प्ररोह है जो प्रजनन में भाग लेता है। ★ यह एक डण्ठल द्वारा तने की शाखा से जुड़ा रहता है, जिसे पुष्पवृक्त (Pedicel) कहते हैं। ★ पुष्पवृत्त का ऊपरी चपटा भाग जिस पर पुष्प के सभी भाग लगे होते हैं, पुष्पासन कहलाता है। ★ पुष्प चार भागों बाह्रादल, दल, जायांग एवं पुमंग का बना होता है। ★ जिस । में चारों भाग पाये जाते हैं, उसे पूर्ण पुष्प (Complete flower) पुष्प कहते हैं। ★ जिस पुष्प में चार में से कोई भी एक अंग नहीं पाया जाता, उसे अपूर्ण पुष्प (Incomplete fl...

Class 11th English questions bank download

 कक्षा 11 इंग्लिश के क्वेश्चन बैंक का डाउनलोड करने के लिए आपको नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा  Class 11th English question bank

Grammar rules

 How......... time do you take to reach your school? (many/much/any) Ans, much 9. The........ milk was taken for tea. (all/whole/few) books on Ans. whole 10.The school library has. Psychology. (few/little/much) Ans. few 11.The milkman..... milk daily in the evening. Ans. brings (bring/brings/bringing) 12. They.................. to a restaurant yesterday.. (go/went/gone) Ans. went 13. Place the pen the table. (in/inside/on) 14. He is poor Ans, but 15. The traffic rules. ....be followed. (must/should/can) Ans. on happy. (and/but/or) Ans. should 16. I come in sir? (Can/May/Could) Ans. May 17. The cat jumped the rat. (on/upon/at) Ans, on 18. Sarita did not come to school. ......she was ill. (because/so/though) Ans. because 19.Do you know. has happened? (that/what/why) 20. This is the man ........name the board. is written on (who/whose/whom) Ans, whose 21. She was born and brought up. Ambala Ans, at (at/in/on) Ans. that 22.The ball passed his head. Ans, above (over/above/under) 23 He.....
 1. Holland is.....a..... European country.(a/an/the) Ans. a 2. They are watching. .....a..... movie. (a/an/the) Ans. a 3. Suresh is boy who has got a place in The merit list (a/an/the . Ans. the 4. Monika is....an..... B Sc. Student. (a/an/the) Ans an 6. Mount Everest is the highest peak in the world. (a/an/the) Ans, the 7. He hasn't got....any......money in his pocket. (any/some/few)

Happy diwali

╬═╬ नीचे मत जाना.! ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ नीचे मत आओ भाई, ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ रूक, नीचे मत जाना. ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ बस कर यार, ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ बहुत जिद्दी लगता है. ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ अब यहीं रूक जा. ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ पूरा जिद्दी है, ना.! ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ अंतिम बार कहता हूँ ╬═╬ मत जा नीचे... ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ कुछ नहीं मिलेगा, ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ ╬═╬ बस टाईम खराब हो...
 ★ हिप्पोक्रेट्स एवं अरस्तु ने सर्वप्रथम जीवों को विधिवत रूप से वर्गीकृत किया था।  ★ थियोफ्रॉस्टस को “वनस्पति विज्ञान के जनक" के रूप में जाना जाता है। 1  ★ सिस्टेमैटिक्स (Systematics) शब्द का उपयोग सर्वप्रथम जुलियन हक्सले (1940) ने किया था। ★ प्रजाति (Species) वर्गीकरण की आधारभूत या सबसे छोटी इकाई है।  * बायोलॉजी (Biology) शब्द का उपयोग सर्वप्रथम लैमार्क एवं ट्रैविरेनस ने किया था।  ★ वर्गिकी, जीव विज्ञान की वह शाखा है जिसके अन्तर्गत जीवधारियों की पहचान, नामकरण एवं वर्गीकरण किया जाता है।  ★ कैरोलस लीनियस को 'वर्गिकी का जनक' कहा जाता है।  ★ जॉन रे प्राकृतिक वर्गीकरण प्रस्तुत करने वाले पहले व्यक्ति थे।  ★ मॉयर (1942) ने सर्वप्रथम जाति की अवधारणा प्रस्तुत की थी। ★ किसी जाति के जातिवृत्तीय इतिहास को उसकी जातिवृत्ति कहते हैं।  ★ द्विनाम नामकरण पद्धति को कैरोलस लीनियस ने प्रस्तावित किया था। इस पद्धति के अनुसार प्रत्येक जीव के दो नाम होते हैं। प्रथम  नाम वंश नाम तथा द्वितीय नाम जाति नाम होता है।  * यूग्लीना, एक ऐसा जीव है जिसमें पौधों एवं ज...

Herbarium (हरबेरियम )

 2. हरबेरियम   (HERBARIUM)  हर्बेरियम पौधों का ऐसा संग्रह होता है जहाँ पर पादप प्रतिरूपों (Plant specimens) को सूखाकर, अच्छी तरह दबाने के पश्चात् कागज की शीटों पर आरोपित कर वर्गीकरण की किसी मान्य पद्धति के अनुसार व्यवस्थित करके रखा जाता है। ये पादप प्रतिरूप भविष्य में संदर्भ एवं अध्ययन हेतु उपयोग में लाये जाते हैं।  उद्देश्य (Objects)  1. इसमें पादप प्रतिरूपों को संरक्षित करके रखा जाता है जो कि सन्दर्भ के रूप में काम आते हैं। 2. इन पादप नमूनों से पौधों की पहचान करना आसान हो जाता है।  3. सम्बन्धित समयावधि में पाये जाने वाले पौधों की जानकारी प्राप्त करना ।  हर्बेरियम तैयार करने में उपयोगी उपकरण (Equipment Required for Herbarium Preparation) हर्बेरियम तैयार करने के लिये सामान्यतः निम्नलिखित उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है  1. वैस्कुलम (Vasculum), यह टिन की बनी एक पेटी होती है जिसमें फील्ड में पौधों को संगृहीत कर प्रयोगशाला में लाया जाता है।  2. हर्बेरियम प्रेस (Herbarium press),  3. प्रूनिंग शियर (Pruning shear), 4. खुरपी (Digger),  ...
 रसायन की कुछ मूलभूत अवधारणाएँ 43 उदाहरण 10. निम्नलिखित को उनकी बढ़ती हुई ग्रामों में मात्रा के क्रम में लिखिए (i) सिल्वर का एक परमाणु, (ii) 1 ग्राम परमाणु नाइट्रोजन, (ii) एक मोल कैल्सियम, (iv) 1 मोल ऑक्सीजन अणु (v) 10 परमाणु कार्बन, (vi) 1 ग्राम आयरन । हल- हम उपर्युक्त सभी की मात्रा ग्रामों में ज्ञात करेंगे (0) - 6-022×10"] परमाणु Ag 108 ग्राम 1 परमाणु Ag 108×10-23 6-022 ग्राम - 18× 10*22 ग्राम (ii) ग्राम परमाणु नाइट्रोजन 14 ग्राम 1 एक मोल कैल्सियम 40 ग्राम 1 मोल ऑक्सीजन अणु 32 ग्राम (iv) (iii) ग्राम 10 परमाणु कार्यन (v) 12x1023 6-022x1023 (vi) 1 ग्राम आयरन = 2 ग्राम ॐ बढ़ता क्रम- (i) < (vi) (v) < (ii) C (iv) < (iii). उदाहरण 11. एक प्लेट जिसका 0-5 ml कुल क्षेत्रफल है, पर कोबाल्ट की 0-005 cm मोटी परत चढ़ानी है। प्लेट पर कितने परमाणु जमा होंगे। (कोबाल्ट का घनत्व 89 cm, कोबाल्ट का परमाणु द्रव्यमान 59 am..) उत्तर हल-प्लेट का क्षेत्रफल - 0.5m 2 = 0.5x101 cm कोटिंग की मोटाई = 0-005 cm चढ़ाए गए कोबाल्ट का आयतन 05 x 10 x0-005 - चढ़ाए गए कोबाल्ट का द्रव्यमान आयतन घनत्व *25cm x 8.9...
 उदाहरण 1. एक मोल जल में ज्ञात कीजिए (i) ग्राम, (ii) अण, (iii) 'H' परमाण, (iv) 'O' परमाण, (v) आयतन ।  हल - (0) 1 1 मोल जल 1 ग्राम अणु जल = 18 ग्राम जल (ii). 1 मोल जल - 6-022×10 23 अणु, (iii) H2O = 2x6-022×10 2 रमाणु (iv) 1 मोल जल = 6:022×102 अणु H2O = 1×6-022 ×102 'O' परमाणु , (v) 1 मोल जल = 18 ग्राम जल = 18 मिली उत्तर  उदाहरण 2. 3-2 ग्राम परमाणु ऑक्सीजन की मात्रा ज्ञात कीजिए।  हल-1 ग्राम परमाणु ऑक्सीजन 16 ग्राम ऑक्सीजन  .: 3.2 ग्राम परमाणु ऑक्सीजन 16 × 3-2 ग्राम ऑक्सीजन - 51-2 ग्राम ऑक्सीजन।  उदाहरण 3. 2.5 ग्राम अणु HCI का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। हल-1 ग्राम अणु HCI (135.536-5) ग्राम HCl  2.5 ग्राम अणु HCI 365x25 ग्राम HCl 91-25 ग्राम HCI  उदाहरण 4. (i) सोडियम के एक परमाणु का तथा (ii) CO2 के एक अणु का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।  हल - (i) 1 ग्राम परमाणु सोडियम 23 ग्राम सोडियम = 6022 x 1023 परमाणु सोडियम ।  23  ... 1 परमाणु सोडियम का द्रव्यमान =  - ग्राम = 3-82 x 10-23 ग्राम  6-022x1023 (ii) 1 ग्राम अणु CO2 = 44 ग्राम CO2 = 6-022...
 -12-011 है। प्रकृति में HC का प्रतिशत उपस्थिति क्या होगी ? हलमानलो "C का प्रतिशत उपस्थिति है,  12x 13(100-x) + 100 100  तब "C की प्रतिशत उपस्थिति (100x) होगी। =12011  अतः  या  12x+1300-13x=1201-1 x 98-9 PC की उपस्थिति = 98-9% है।  उत्तर  या उदाहरण 2. ऑक्सीजन का औसत परमाणु द्रव्यमान 16-12 है। O" समस्थानिक का प्रतिशत 90 है, तो अन्य उपस्थित समस्थानिक 07 एवं 80" का % की गणना कीजिए। हल - माना परमाणुओं का कुल द्रव्यमान = 100gO" परमाणुओं की कुल संख्या = 90  माना O" परमाणुओं की कुल संख्या -x.. BO" परमाणुओं की कुल संख्या = 10  औसत परमाणु द्रव्यमान (16-12) = 90 x 16 + xx17+ (10-x)×18  100  x=8  2017 समस्थानिक की % 8, 2018 समस्थानिक की % = 10-x=10-8=2. उदाहरण 3. क्लोरीन के दो समस्थानिक जिनके परमाणु द्रव्यमान इकाई 34-97 एवं 36-97 हैं। इन दो समस्थानिकों की आपेक्षिक उपस्थिति 0-755 एवं 0-245 क्रमशः है। क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।  उत्तर  उत्तर- औसत परमाणु द्रव्यमान 34.97x0.755 +36.97x0-245 = 35-46 परमाणु द्रव्...

परमाणु और अणु

 परमाणु एव अणु  (ATOMS AND MOLECULES) परमाणु (Atom) — डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त के अनुसार प्रत्येक तत्त्व परमाणुओं से बना है। परमाणु की कल्पना को समझने के लिए मान लीजिए हम किसी तत्त्व (जैसे-सिल्वर) के किसी टुकड़े को लगातार छोटे टुकड़ों में तोड़ते जाते हैं। अन्त में एक ऐसी स्थिति आयेगी जब सिल्वर के किसी छोटे टुकड़े का और ऐसा विभाजन सम्भव नहीं होगा जब उस टुकड़े को सिल्वर कहा जा सके। . किसी तत्त्व के ऐसे सूक्ष्म कण को परमाणु कहते हैं। कुछ ऐसे तत्त्व जैसे-हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन आदि के परमाणुओं का स्वतन्त्र अस्तित्व नहीं रहता, परन्तु हीलियम, निऑन, आर्गन जैसे तत्त्वों के परमाणुओं का स्वतन्त्र अस्तित्व है। अतः परमाणु की परिभाषा इस प्रकार की जा सकती है, “परमाणु किसी तत्त्व का वह छोटे-से-छोटा कण है, जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है व अविनाशी है ।"  पहले यह समझा जाता था कि परमाणु का और विभाजन सम्भव नहीं है परन्तु आधुनिक खोजों के अनुसार परमाणु अब अविभाज्य नहीं है तथा वह इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन जैसे सूक्ष्म कणों से बना हुआ है परन्तु ये सूक्ष्म कण सभी त...
हाइड्रोजन सल्फाइड में 94.11% सल्फर, सल्फर डाइऑक्साइड में 50% ऑक्सीजन तथा जल में 11-11% हाइड्रोजन उपस्थित है। सिद्ध कीजिए कि ये आँकड़े 'S' तथा '0' के बीच व्युत्क्रम अनुपात नियम को सत्यापित करते हैं। हल सहित उदाहरण H का प्रतिशत = (100 – 94.11 ) = 5.89 ‘H’ तथा ‘S” के द्रव्यमानों में अनुपात 1 : 16 H2O में- H का प्रतिशत = 11-11 O का प्रतिशत = (100-11-11 ) = 88-89 ‘H’ तथा ‘O’ के द्रव्यमानों में अनुपात = 1 : 8 अतः निश्चित मात्रा (1 ग्राम) 'H' के साथ संयोग करने वाले 'S' तथा 'O' के द्रव्यमानों का अनुपात = 16 : 8 = 2:1 O का प्रतिशत = 50 SO2 में द्रव्यमानों का अनुपात 1 : 1 अभ्यासार्थ प्रश्न V7 तथा ZX यौगिक बनते हैं। XY में 75% X है, XZ में 57-15% Z है जबकि हल - H2S में - S का प्रतिशत = 94-11 अतः अर्थात् अतः SO2 में - S का प्रतिशत = 50 हम देखते हैं कि अनुपात 1: 1 तथा अनुपात 2: 1 के बीच भी एक सरल अनुपात (2 : 1) है जो व्युत्क्रम अनुपात नियम को अतः अर्थात् अर्थात् सत्यापित करता है। उत्तर
   उदाहरण 1. 6.0 मीटर तथा 6.00 मीटर में क्या अन्तर है ?  हल - 6.0 में दो सार्थक अंक है तथा यथार्थता 101 है। जबकि संख्या 6-00 में 3 सार्थक अंक तथा यथार्थता 001 है। उदाहरण 2. दिये गये गणना के परिणाम को सार्थक अंक की ठीक (उपयुक्त) संख्या द्वारा प्रदर्शित कीजिए  3-24×0-08666  5-006  हल सही परिणाम 0-0560883 है। यहाँ 3-24 सार्थक अंकों का निम्नतम अंक अर्थात् 3 अंकों द्वारा उत्तर को दर्शाना  अतः सही उत्तर 0-0561 होगा क्योंकि शून्य के बाद 8 है तथा 8 को छोड़ा जा रहा है अतः 0 को 1 से सीमित (Round off)  उदाहरण 3. धातु का घनत्व 8.4g/em' है, यदि धातु का भार 6-542g हो, तो उसका आयतन क्या होगा ?  6-5425  घनत्व 8-4  0-7789  18-4 के अनुसार परिणाम में 2 सार्थक अंक होंगे इसलिये आयतन 0-78 होगा। उदाहरण 4. निम्नलिखित कथनों पर टिप्पणी लिखिये  (i) किसी शहर की जनसंख्या 705000 है, यदि कुछ साल पहले उसकी जनसंख्या 704995 हो।  (ii) 30 साल पहले जीवाश्म की मापी गई उम्र 26000 थी, अब उसकी उम्र 26030 है। हल — (i) वर्तमान जनसंख्या 7-05x105 है तथा कुछ साल ...

सार्थक अंक किसे कहते हैं सार्थक अंक

 सार्थक अक  (SIGNIFICANT FIGURES )  परिभाषा (Definition)—किसी मापन के परिणाम को पूर्ण रूप से दर्शाने के लिए शून्य से नौ तक के अंकों में से न्यूनतम संख्या में जिन अंकों का प्रयोग आवश्यक होता है उन अंकों को सार्थक अंक कहते हैं ।  अथवा, किसी संख्या के उन अंकों (0 से लेकर 9 तक) को जिनके द्वारा किसी भौतिक राशि के परिमाण को पूर्णतः उसके यथार्थ मान तक व्यक्त करते हैं, सार्थक अंक (Significant figures) कहलाते हैं।  ये वे अंक हैं जो किसी मापन की परिशुद्धता को व्यक्त करने के लिए आवश्यक होते हैं। सार्थक अंकों की संख्या मापन के लिए प्रयुक्त उपकरण की परिशुद्धता पर निर्भर होती है। यदि मापन के लिए प्रयुक्त स्केल/उपकरण की परिशुद्धता अधिक है तो मापन में अनिश्चितता भी कम होगी। किसी संख्या का अन्तिम अंक अनिश्चित होता है।  यदि किसी संख्यात्मक माप को 125.47 m3 दर्शाते हैं तो उसमें पाँच सार्थक अंक हैं तथा अन्तिम अंक 7 अनिश्चित है। मानलो हम जल की किसी दी गई मात्रा का आयतन ज्ञात करने के लिए क्रमशः एक चिन्हांकित बीकर, एक चिन्हांकित  सिलिण्डर तथा एक चिन्हांकित नली का उपयोग करते ...

मिश्रण तथा यौगिक में कोई पांच अंतर लिखिए

मिश्रण तथा यौगिक में अंतर निम्न है  1.मिश्रण दो या अधिक पदार्थों को किसी भी अनुपात में मिलाने से बनता है। यह समांगी या विषमांगी हो सकता है। मिश्रण के गुण उसके संघटक पदार्थों के औसत गुण होते हैं। मिश्रण के संघटक पदार्थों को सरल यान्त्रिक विधियों द्वारा पृथक् किया जा सकता है। विषमांगी मिश्रण बनाते समय कोई ऊर्जा परिवर्तन नहीं होता किन्तु समांगी मिश्रण बनाते समय ऊष्मा का उत्सर्जन या अवशोषण होता है। 2. यौगिक  दो या अधिक पदार्थों को निश्चित अनुपात में मिलाकर रासायनिक क्रिया कराने पर बनता है। यह सदैव समांगी प्रकृति का होता है। यौगिक के गुण उसके संघटक तत्त्वों के गुणों से भिन्न होते हैं। यौगिक के संघटक तत्त्वों को सरल यान्त्रिक विधियों द्वारा पृथक् नहीं किया जा सकता। यौगिक के बनने में उच्च ऊर्जा परिवर्तन होता है।